क्या आप तलाक की ओर बढ़ रहे हैं

दाम्पत्य संबंधों में कभी कभी जब रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ जाती है कुछ खास कारण होते हैं जिनकी वजह से प्यार पहले दिन जैसा नहीं रहता। कुछ बातों का ख्याल रखा जाए तो मैं समझता हूं कि संबंधों को लंबे समय तक मधुर बनाया जा सकता है। समर्पण और त्याग की भावना एक हाथ …

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दाम्पत्य संबंधों में कभी कभी जब रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ जाती है कुछ खास कारण होते हैं जिनकी वजह से प्यार पहले दिन जैसा नहीं रहता। कुछ बातों का ख्याल रखा जाए तो मैं समझता हूं कि संबंधों को लंबे समय तक मधुर बनाया जा सकता है।

समर्पण और त्याग की भावना

एक हाथ से ताली नहीं बजती इसलिए समर्पण का भाव दोनों तरफ आवश्यक है एक तरफा प्यार की बात हम फिर कभी करेंगे परंतु यदि आपमें समर्पण का भाव है तो आपका साथी इससे कभी इनकार नहीं करेगा। यदि आप अपनी ईगो त्याग देंगे तो ऐसा करना आपके साथी के लिए भी असंभव नहीं है इसलिए सबसे पहले अपने अंदर झांक कर देखिए कि आप में ऐसी क्या कमी है जिसकी वजह से संबंधों में आकर्षण का अभाव है।

परस्पर आकर्षण

यदि आकर्षण की बात आई है तो यह भी मानना होगा की सुंदरता प्रेम के लिए आवश्यक ही नहीं अपितु परम आवश्यक है यदि आप सुंदर नहीं हैं तो कम से कम ऐसा कर सकते हैं कि बदसूरत ना दिखें ऐसा पहनिए जो आपके साथी को पसंद हो जिसमें आपका साथी आपकी तारीफ करें यदि फिर भी आपको लगता है कि आपका साथी आकर्षित नहीं हो रहा है तो प्रेम एक ऐसा रास्ता है जो आकर्षण पैदा करने में सक्षम है अपने साथी से प्यार करें प्यार का इजहार करें यकीन मानिए आपके साथी के लिए आपसे दूर जाना थोड़ा तो मुश्किल हो ही जाएगा।

छोटी छोटी चीजें मायने रखती हैं

छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दें । प्यार में छोटी छोटी चीजें मायने रखती हैं जैसे कि कभी-कभार आप अपने साथी का ख्याल रख कर देखिए माली जी आप बैठे हैं और आपका साथी आपसे थोड़ी दूर बैठा है और बहुत व्यस्त है तो अपने साथी की व्यस्तता का ध्यान रखते हुए यदि आप आवश्यकता की कोई चीज अपने साथी को दे दें तो उस समय कुछ क्षणों के लिए आपके साथी का ध्यान आपकी तरफ अवश्य जाएगा। प्रेम संबंधों में कभी-कभी ऐसा भी होता है कि गलती सामने वाले की होती है और हम यह मान कर बैठ जाते हैं कि सामने वाला उसके लिए कुछ कारण बताएं या क्षमा मांगे परंतु मैं समझता हूं कि यदि आप एक दूसरे से प्यार करते हैं तो इसकी आवश्यकता नहीं है और यदि इसकी आवश्यकता है तो आप में इतना प्यार और एक दूसरे के प्रति लगाव नहीं है कभी-कभी कुछ गलतियों को भुला देना अच्छा रहता है।

संबंधों में यदि कुछ अच्छा ना हो रहा हो तो संबंधों को थोड़ा विराम दे देना चाहिए जैसे कि आपका साथी यदि आपके साथ रहना पसंद नहीं कर रहा तो इस पर अधिक जोर मत दीजिए बल्कि बिल्कुल नॉर्मल व्यव्हार कीजिए ना ही अधिक प्यार जताएं ना ही प्यार की उम्मीद करें आवश्यकतानुसार बातचीत जारी रखें परंतु ऐसे समय में अपनी वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखें यदि आप ही में से बात करेंगे तो इसका फर्क दिखेगा।

उपरोक्त जितनी बातें लिखी हैं वह संबंधों में मामूली कड़वाहट को दूर करने के लिए काफी नहीं है यह मैं मानता हूं परंतु इन बातों का ध्यान रखा जाए तो कुछ फर्क तो अवश्य पड़ेगा यह मेरा विश्वास है परंतु यदि आप तलाक की ओर बढ़ रहे हैं और आपको ऐसा लगता है कि आपको अपने साथी से अलग हो जाना चाहिए तो कुछ बातें ऐसी भी हैं जिनका ध्यान रखा जाए तो क्या पता आपका इरादा बदल जाए।

किन चीजों से पैदा होता है अलगाव

सबसे पहली आदत जो तलाक का कारण बनती है वह होती है आपकी आवाज़ का तीखापन आपका अपने साथी के प्रति व्यव्हार कठोर शब्दों का इस्तेमाल और कुल मिलाकर आपकी जीभ। यदि आपका अपनी जीभ पर नियंत्रण नहीं है तो आप कुछ भी बोलेंगे और मौका नहीं देखेंगे ऐसा करना संबंधों के लिए काफी नुकसानदेह साबित होता है कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में यदि तलाक जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो वह यहीं से शुरू होती है सर्वप्रथम याद कीजिए कि आपने कब-कब कहां-कहां और क्या-क्या ऐसा कहा है जो आपके साथी को बुरा लगा यदि आप यह सब नहीं समझ पा रहे हैं तो अपने साथी से पूछने में संकोच मत कीजिए क्योंकि यदि आपको याद नहीं है तो आपके साथी को अवश्य याद होगा और पूछ लेने से आपको फायदा होगा।

यकीन मानिए यदि आप अपने बोलने के अंदाज पर थोड़ा नियंत्रण रखने में सक्षम है तो आप अपने बिगड़े हुए संबंधों को फिर से सुधारने में भी सक्षम है और यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम प्रयास अवश्य कीजिए मैं समझता हूं कि प्रयास करने मात्र से आपको पता चलेगा कि आप ऐसा कर सकते हैं।

यदि आप तीखा बोलते हैं या कर्कश बोलते हैं या कटु शब्दों का इस्तेमाल करते हैं या फिर कुदरती तौर पर आपकी आवाज ही कुछ ऐसी है कि दूसरों को आप को समझने में गलतफहमी हो जाती है तो अपनी आवाज को मधुर से मधुर बनाने का प्रयास कीजिए हम बोलें या कम बोलने की कोशिश कर धीमा बोलें या कोशिश करें कि जो भी आप बोलें वह आवश्यकता से अधिक कठोर ना हो।

यदि आप कम बोलते हैं तो यह और भी अधिक बड़ी समस्या है क्योंकि सामने वाले को मालूम ही नहीं है कि आप के अंदर क्या चल रहा है सामने वाला अपनी और से आपके प्रति दृष्टिकोण बना लेगा और समझेगा कि आप उनसे अपने दिल की बात शेयर नहीं करते हैं इस तरह से गलतफहमी पैदा होती है बेशक आपके दिल में कुछ नहीं है परंतु सामने वाला यही समझता रहेगा कि आप उनके बारे में नहीं किसी और के बारे में सोच रहे हैं या फिर इस गलतफहमी का शिकार हो जाएगा कि आपको किसी और से प्यार है इसलिए यदि आप कम बोलते हैं तो अपनी इस आदत को बदलें। यदि आप समझते हैं कि संबंधों को बचाना जरूरी है तो आपको इसमें मुश्किल कुछ नहीं लगेगा।

दिल की बात शेयर नहीं करते हैं तो यह भी एक कारण हो सकता है आपका साथी आपसे दूर जा रहा है कुछ लोग आवश्यकता से अधिक रोमांटिक होते हैं तो कुछ लोग केवल रोमांटिक होते हैं सलमान का कुछ लोग रूखे स्वभाव के भी होते हैं जिन्हें रोमांश से कोई मतलब नहीं परंतु थोड़ा बहुत रोमांस सभी में होता है

रानी हो या मेहतरानी
गायेगी नहीं तो गुनगुनाएगी जरूर

कभी-कभी कुछ लोग इस वजह से भी तलाक लेना चाहते हैं कि उनका जीवन साथी उनके जैसा नहीं है आप ही बताइए ऐसा कैसे संभव है कि आपके साथी में सभी चीजें आपके जैसी हैं यदि दोनों की शक्ल अलग है तो विचारधारा कैसे अलग नहीं हो सकती हां यह बात और है कि आप रोमांटिक स्वभाव के हैं और आपका साथी बिल्कुल भी सूखे रूखे स्वभाव का है जिसे वह मां से कोई लेना देना नहीं है। परंतु इस रूखे स्वभाव का कुछ ना कुछ कारण अवश्य होता है उस कारण को तलाश कीजिए यदि आप वाकई ऐसा करेंगे तो मैं समझता हूं आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

यदि आपको लगता है की आपके जीवन साथी की जिन्दगी में कोई और भी है जिसकी वजह से आपका साथी आपको नजरअंदाज कर रहा है तो

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